मेरे अंगना में रंग बरसाओ

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ....

गिरजा को लाओ भोले शंकर को लाओ,

गिरजा को लाओ भोले शंकर को लाओ,

गिरजा को लाओ भोले शंकर को लाओ,

गिरजा को लाओ भोले शंकर को लाओ,

डमरू में सबको नचाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ.....

गणपति को लाओ रिद्धि सिद्धि भी लाओ,

गणपति को लाओ रिद्धि सिद्धि भी लाओ,

गणपति को लाओ रिद्धि सिद्धि भी लाओ,

गणपति को लाओ रिद्धि सिद्धि भी लाओ,

माँ विघ्न यहाँ के हटाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ....

मुरलीवाले को लाओ उनकी सखियों को लाओ,

मुरलीवाले को लाओ उनकी सखियों को लाओ,

मुरलीवाले को लाओ उनकी सखियों को लाओ,

मुरलीवाले को लाओ उनकी सखियों को लाओ,

गरबा यहाँ आके काराओं आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ.....

लक्ष्मी माँ को लाओ संजू विष्णु जी को लाओ,

लक्ष्मी माँ को लाओ संजू विष्णु जी को लाओ,

लक्ष्मी माँ को लाओ संजू विष्णु जी को लाओ,

लक्ष्मी माँ को लाओ संजू विष्णु जी को लाओ,

नवरात्री निरंजन मनाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ,

मेरे अंगना में रंग बरसाओ आओ माँ शेरावाली आओ………….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।