आ रही है शेरोवाली माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आ रही है शेरोवाली माँ देखो आ रही है शेरोवाली माँ,

आ रही है शेरोवाली माँ देखो आ रही है शेरोवाली माँ……….

अरे मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

देखो मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

आ रही है शेरोवाली माँ देखो आ रही है शेरोवाली माँ,

आ रही है शेरोवाली माँ देखो आ रही है शेरोवाली माँ………..

अरे आओ मायी की काहे की बनी पैजनिया,

अरे आओ मायी की काहे की बनी पैजनिया,

अरे केसो हाँ केसो करे श्रृंगार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

अरे केसो करे श्रृंगार मायी की छम छह बाजे पैजनिया,

अरे मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया....

अरे आओ मायी की चांदी की बनी पैजनिया,

अरे आओ मायी की चांदी की बनी पैजनिया,

अरे सोलह हाँ सोलह करे श्रृंगार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

अरे सोलह करे श्रृंगार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

अरे मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया.....

अरे आओ मायी की बिंदिया में हीरा दमके,

अरे आओ मायी की बिंदिया में हीरा दमके,

मोहनिया मोहनिया गले को हार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

मोहनिया गले को हार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

अरे मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया.....

अरे आओ मायी की कैसे थी बजी पैजनिया,

अरे आओ मायी की कैसे थी बजी पैजनिया,

केसो लागे हाँ केसो लागे मायी दरबार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

केसो लागे मायी दरबार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

अरे मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया……..

अरे आओ मायी की नाचत में बजी पैजनिया,

अरे आओ मायी की नाचत में बजी पैजनिया,

लागे प्यारो हो बड़ो प्यारो मायी दरबार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

बड़ो प्यारो मायी दरबार मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

अरे मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

देखो मचलत आवे शेर मायी की छम छम बाजे पैजनिया,

आ रही है शेरोवाली माँ देखो आ रही है शेरोवाली माँ,

आ रही है शेरोवाली माँ देखो आ रही है शेरोवाली माँ……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।