विनती सुनो माँ देवी हमारी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी,

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी,

जग की हरो विपदा सारी जग की हरो विपदा सारी,

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी,

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी.....

ना कोई भूखा प्यासा हो,

ना कोई भूखा प्यासा हो,

ना रोगी ना त्रासा हो,

ना रोगी ना त्रासा हो,

हर लो भव बाधा सारी जग की हरो विपदा सारी,

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी....

अब ना कोई बेसहारा हो,

अब ना कोई बेसहारा हो,

अब ना कोई हत्यारा हो,

अब ना कोई हत्यारा हो,

सब पे कृपा करो महारानी जग की हरो विपदा सारी,

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी.....

गोद ना किसी की सुनी हो,

गोद ना किसी की सुनी हो,

खुशियां घर में दुनी हो,

खुशियां घर में दुनी हो,

एक आस तुम से मेरी जग की हरो विपदा सारी,

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी.....

ना कोई मन का खोटा हो,

ना कोई मन का खोटा हो,

ना कोई बुद्धि का मोटा हो,

ना कोई बुद्धि का मोटा हो,

ज्ञान दो सबको माँ उपकारी जग की हरो विपदा सारी,

विनती सुनो माँ देवी हमारी जग की हरो विपदा सारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।