माँ तू भोले के संग में आ

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भंगिया पीते पीते मस्ती में जीते जीते भोले बम भोले,

देवो में महादेवा करू मैं तेरी सेवा हर दम भोले बम बम,

माँ तू भोले के संग में आ तेरी पूजा करू सदा,

शेरोवाली ज्योतावाली महाकाली मेरी माँ,

तू भोले के संग में आ तेरी पूजा करू सदा,

शेरोवाली ज्योतावाली महाकाली मेरी माँ,

भंगिया पीते पीते....

तुझसे नहीं भोले देखा कोई और तीनो लोको में है तेरा ही शोर,

तेरी शक्ति के आगे भोले चलता नहीं है किसी का भी जोर,

नशा भक्ति का छा ही गया तेरी भक्ति में आ ही गया,

दर्शन मिल जाये एक बार इतनी सी कर दो मुझपे दया,

आ श्री गणेश को भी ला कार्तिकेय को भी ला,

मेहरवाली भद्रवाली भागवाली मेरी माँ,

तू भोले के संग में आ तेरी पूजा करू सदा,

शेरोवाली ज्योतावाली महाकाली मेरी माँ,

भंगिया पीते पीते....

शिव के दर्शन की है महिमा अपार,

चाहे दुखड़े हो लाखो हजार शिवा शक्ति की धुन लागे,

सुन ले ओ भोले मेरी पुकार माता की महिमा की सबको सुनाऊ,

भोले के संग में माँ को मनाओ विक्की की अर्जी सुन ले ओ मैया,

शिव और शक्ति की कृपा में आओ आ शिव गण के संग में आ,

कर भक्तो पर कृपा शिवदानी है भवानी मातारानी मेरी माँ,

तू भोले के संग में आ तेरी पूजा करू सदा,

शेरोवाली ज्योतावाली महाकाली मेरी माँ,

भंगिया पीते पीते....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।