बालको की टेर सुनकर माँ को आना चाहिए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बालको की टेर सुनकर माँ को आना चाहिए,

अपने बच्चो के अश्को को ना भुलाना चाहिए....

ध्यानु ने भी तुझे बुलाया अकबर ने भी था आजमाया,

बालको पर माँ को ममता ही दिखाना चाहिए,

अपने बच्चो के अश्को को ना भुलाना चाहिए.....

बालको की माँ ही आस है माँ पर उनको बड़ा विश्वास है,

बच्चो की गलती पे माँ को समझाना चाहिए,

अपने बच्चो के अश्को को ना भुलाना चाहिए....

मैं तो एक नादान हूँ मैया कुर्मी अमन अनजान हूँ मैया,

केशव शर्मा को भी निशदिन भेटे गाना चाहिए,

अपने बच्चो के अश्को को ना भुलाना चाहिए....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।