भोले मन के मंदिर में पधारो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे शिवशंकर भोले,

मन के मंदिर में पधारों,

मेरे भी भाग्य संवारो भोले,

मेरे भी भाग्य सवारो....

साँझ सवेरे करु पूजा मैं तेरी,

विनती सुनो भोलेनाथ अब मेरी,

तेरे चरणों में मैं तो ध्यान लगाऊँ,

बस तेरी माला जपूँ तेरे गुन गाऊँ,

हे अवघड़दानी सुन लो,

अब तो कुछ मन में विचारों,

मेरे भी भाग्य संवारो भोले,

मेरे भी भाग्य सवारो....

तेरी भक्ति से पाया अन धन सोना,

सब दूख दूर हुए काहे को रोना,

तेरी कृपा से छूटे दुनिया के बंधन,

अर्पण करुँ मैं तुम्हें अपना ये तन मन,

तुम ही पिता परमेश्वर,

बेटी समझ के दुलारो,

मेरे भी भाग्य संवारो भोले,

मेरे भी भाग्य सवारो....

Shweta Pandey ( Varanasi )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।