पट खोल पुजारन आयी है

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पट खोल पुजारन आयी है,

तेरा दर्शन पाने आई है,

छुप क्यों दासी के मीत गये,

तेरे दवार पड़े युग बीत गए,

इस मोन मान का कारन क्या,

मन माहि नही पुजारन क्या,

अगर नजर में तेरी मेरे अवगुण है,

पहले क्यों यह न बताया था,

ये प्रीत की रीत ना नीब सकती,

पहले यह क्यों न बताया था,

पट खोल पुजारन आई है.............

दरस दो गिरधारी बनवारी,दरस दो गिरधारी बनवारी,

दरस दो गिरधारी बनवारी...............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।