ना देना दोष किस्मत को

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है,

विपत्ति तो सब पर आती है, विपत्ति तो सब पर आती है,

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है....

विपत्ति आई राजा मोरध्वज पर वचन संतो को दे डाला,

ना देना दोष संतो को विपत्ति तो सब पर आती है,

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है....

विपत्ति आई राजा हरिश्चंद्र पर दान में राज दे डाला,

ना देना दोष ऋषियों को विपत्ति तो सब पर आती है,

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है....

विपत्ति आई अंधे माता पिता पुत्र सरवन सा खो डाला,

ना देना दोष दशरथ को विपत्ति तो सब पर आती है,

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है....

विपत्ति आई राजा दशरथ पर राम वनवास दे डाला,

ना देना दोष केकई को विपत्ति तो सब पर आती है,

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है....

विपत्ति आई राजा रावण पर हरण सीता का कर डाला,

ना देना दोष रघुवर को विपत्ति तो सब पर आती है,

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है....

विपत्ति आई हम सब भक्तों पर नाम गुरुवर का ले डाला,

विपत्ति सब दूर कर डाली जगत में नाम फैलाया,

ना देना दोष किस्मत को विपत्ति तो सब पर आती है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।