मोहन तुम बिन नींद ना आए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहन तुम बिन नींद ना आए, आए तो स्वप्न सताए,

मुझे क्या हो गया है..

दिल को मेरे चैन ना आए तेरी याद सताए,

मुझे क्या हो गया है.....

ओ मेरे बारे कन्हैया लुट गई हूं मैं तो तेरे प्यार में, तेरे प्यार में,

हृदय में बस गई तेरे सांवरे सलोने दिलदार में, दिलदार में,

बिन देखे मोहे चैन ना आए देखकर मन हर्षाये

मुझे क्या हो गया है....

अपना बना लो मोहन छोड़ ना जाना बीच धार में, बीच धार में,

छोड़ी है नैया तुम पर चाहती हूं होना भव पार में, भव पार में,

पार लगा दो बह ना जाए तुम पर आस लगाए,

मुझे क्या हो गया है.....

तुम को ही सौंपा तनमन करती हूं जीवन न्योछार में, न्योछार में,

चरणों की दासी बनकर सेवा करूंगी हर बार में, हर बार में,

खानपान तुम बिन ना भाए चाहे तो जान ही जाए,

मुझे क्या हो गया है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।