बोल कान्हा बोल यह कमाल कैसे हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बोल कान्हा बोल यह कमाल कैसे हो गया,

बिना शादी किए राधे श्याम कैसे हो गया.....

सत्यभामा और रुक्मिणी जैसी लुगाई,

राधे के साथ कैसे जोड़ी बनाई,

बोल कान्हा बोल तू नादान कैसे हो गया,

बिना शादी किए राधे श्याम कैसे हो गया.....

ब्याह जिसे लाया वह कहाई तेरी रानी,

बिना ब्याहै राधा रानी बनी महारानी,

बोल कान्हा बोल यह विधान कैसे हो गया,

बिना शादी किए राधे श्याम कैसे हो गया.....

तस्वीर रानियों की कोने में पड़ी हैं,

जितने भी मंदिर राधे साथ में खड़ी है,

बोल कान्हा बोल यह सम्मान कैसे हो गया,

बिना शादी किए राधे श्याम कैसे हो गया.....

रानी पटरानी सारी हाजिरी बजामें,

राधे महारानी उन पर हुकुम जमामें,

बोल कान्हा बोल तु गुलाम कैसे हो गया,

बिना शादी किए राधे श्याम कैसे हो गया.....

जिसने भी प्यार किया वही बदनाम है,

राधे के साथ तेरी चार गुनी शान है,

झूठा सारा वेद और पुराण कैसे हो गया,

बिना शादी किए राधे श्याम कैसे हो गया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।