एक बंदर बलवान तेरी लंका में आया है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

एक बंदर बलवान तेरी लंका में आया है,

सुन रावण बलवान तेरा अब काल जो आया है.....

फल खाए और बाग उजाड़े,

कर दिए उसने बहुत कवाड़े,

कर दिया बड़ा बेहाल इधर उत्पात मचाया है,

एक बंदर बलवान....

बंदर है यह बड़ा बलशाली,

उसने डरा दी सेना सारी,

मार दिए बलवान यहां घमासान मचाया है,

एक बंदर बलवान....

खुद को कहता पवन पुत्र हूं,

बन के आया रामदूत हूं,

नाम बताया हनुमान संदेशा राम का लाया है,

एक बंदर बलवान.....

रावण बंद करो बदमाशी,

जाकर मांग लो राम से माफी,

करो सीता उनके साथ बैर क्यों इतना बढ़ाया है,

एक बंदर बलवान.....

यह हनुमान तुम्हें समझावे,

ब्रह्मा विष्णु तेरे गुण गावे,

त्याग दियों अभीमान तेरे जो दिल में समाया है,

एक बंदर बलवान....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।