जादूगर मेरा सांवरा नैनो से घायल करे

मीरा बाई
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जादूगर मेरा सांवरा नैनो से घायल करे,

नैनो से घायल करे श्याम नैनो से घायल करे

जादूगर मेरा सांवरा नैनो से घायल करे.....

मोटे मोटे नैनो से जब नज़र डारे जिस पर ये,

ऐसा जादूगर है सांवरा रखता सबको कब्ज़े में,

श्याम लगन में जीवन भर वो श्यामा श्यामा गाये रे,

जादूगर मेरा सांवरा नैनो से घायल करे....

श्याम का जादू चला था शिव पर नारी बनकर नाचे थे,

लाख मन किया गौरा माँ ने खुद को रोक ना पाए थे,

देख कर अपना रंग शिव पर सांवरे मुस्काये रे,

जादूगर मेरा सांवरा नैनो से घायल करे....

मीराबाई पे चला था जादू छोड़ दिया घर बार रे,

श्याम की चाहत में विष प्याला पी गई एक ही सांस में,

राही दयालु मेरा सांवरा हर पल सबके साथ रे,

जादूगर मेरा सांवरा नैनो से घायल करे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।