भक्ति दगा ना देगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भक्ति दगा ना देगी तुझे भगवान दगा ना देगा,

विश्वास करके देखो सुमिरन दगा ना देगा,

भक्ति दगा ना देगी....

सच्ची लगन लगाई मीरा ने श्याम से तो,

विष को बनाया अमृत मीरा के श्याम ने तो,

साथी है जो विधाता तो दुश्मन भी क्या करेगा,

भक्ति दगा ना देगी.....

द्रुपदी ने जब पुकारा उसको दिया सहारा,

भरी सभा में पापी वह दुशासन भी हारा,

मुजरिम है हम उसी के कोई क्या खता करेगा,

भक्ति दगा ना देगी.....

बनकर के राम उसने शबरी के बेर खाए,

मन में करी ना शंका भक्ति के आगे हारे,

दुखिया है दुख के दाता हम सब के दुख भरे गा,

भक्ति दगा ना देगी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।