लंका में जाकर वीर ऐसे कह देना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लंका में जाकर वीर ऐसे कह देना,

ओ रावण तू बड़ा दानी रे,

तेरे पवन ही देख बूहारी रे,

बेमाता पिसन हारी रे,

सब देवता भरते नीर ऐसे कह देना,

लंका में जाकर वीर.....

तन्ने सुनी सिया चुराई है,

तोहे लाज शर्म नहीं आई रे,

राजा से बना फकीर ऐसे कह देना,

लंका में जाकर वीर.....

तेरे एक लाख तो बेटा रे,

और सवा लाख तेरे नाती रे,

और कुंभकरण से वीर ऐसे कह देना,

लंका में जाकर वीर....

तेरे सोलह सो तो रानी रे.

और एक लाख पटरानी रे.

तेरे मनदोदर् सी नार एसे कह देना.

लंका में जाकर वीर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।