ओम नमो भगवते वासुदेवाय

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आते जाते कुछ ना कहो इसके सिवाय,

ओम नमो भगवते वासुदेवाय.......

घर में बाहर में परिकर में भजो कृष्ण कृष्ण,

आंगन में वाहन में हर मन में कृष्ण कृष्ण,

जिभया से भजलो कहीं देर ना हो जाए,

ओम नमो भगवते वासुदेवाय.....

जगने में सोने में चलने में कृष्ण कृष्ण,

अपने में सपने में जपने में कृष्ण कृष्ण,

कृष्ण कृपा सब पर हो झोली भर जाए,

ओम नमो भगवते वासुदेवाय.....

इनसे कहो उनसे कहो सबसे कहो कृष्ण कृष्ण,

बोलने में तोलने में डोलने में कृष्ण कृष्ण,

श्री श्याम चरणों में लगन जो लगाय,

ओम नमो भगवते वासुदेवाय.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।