तेरा रहमो करम

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम

तेरा रहमो करम,

बाबोसा कैसे भूलेंगे हम,

बाबोसा तुमपे किया है,

ये जीवन अर्पण,

बाबोसा मेरे दिल का,

अरमान यही है,

एक तुम हो मेरे पास,

दूजी चाह नही है,

तुमसा कोई दाता,

कोई दानी नही है,

बाबोसा तेरा जग में कोई ,

सानी नही है...

हाथों की लकीरों में लिखा,

नाम तुम्हारा,

जन्मों जनम का बाबोसा,

ये साथ हमारा,

अब न कोई फिकर है,

न कोई गम है,

विशवास है बाबोसा,

मेरे संग जो तुम हो,

मेरे संग जो तुम हो,

छुटे ये सारी दुनिया,

परवाह नही है,

एक तुम हो मेरे पास,

दूजी चाह नही है,

बाबोसा मेरे दिल का,

अरमान यही है,

एक तुम हो मेरे पास,

दूजी चाह नही है....

तांती भभूति जल का,

चमत्कार है ऐसा,

बिगड़े बनगे काम बोलो,

जय श्री बाबोसा,

श्री बाबोसा के रूप में है,

मंजू बाईसा,

देखा न कलयुग में,

दरबार है ऐसा,

दरबार है ऐसा,

इस दर के सिवा दूसरी,

पनाह नही है,

एक तुम हो मेरे पास,

दूजी चाह नही है,

बाबोसा मेरे दिल का,

अरमान यही है,

एक तुम हो मेरे पास,

दूजी चाह नही है....

स्वार्थ भरी दुनिया,

हुए अपने पराये,

जितना उठु में उतना ही,

वो मुझको गिराये,

माँ छगनी का दुलारा,

मेरे पास में होगा,

मुझे दुनिया के दुख दर्द का,

अहसास न होगा,

अहसास न होगा,

‘दिलबर’ तेरी भक्ति के सिवा,

राह नही है,

कला को तेरे सिवा,

कोई चाह नही है,

तुमसा कोई दाता,

कोई दानी नही है,

बाबोसा तेरा जग में कोई,

सानी नही है....

तेरा रहमो करम,

बाबोसा कैसे भूलेंगे हम,

बाबोसा तुमपे किया है,

ये जीवन अर्पण,

बाबोसा मेरे दिल का,

अरमान यही है,

एक तुम हो मेरे पास,

दूजी चाह नही है,

तुमसा कोई दाता,

कोई दानी नही है,

बाबोसा तेरा जग में कोई ,

सानी नही है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।