लागी तुझसे लगन शंकरा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय हो, जय हो, जय हो तेरी शंकरा,

जय हो, जय हो, जय हो तेरी शंकरा,

जय हो, जय हो, जय हो तेरी शंकरा,

जय हो, जय हो, जय हो तेरी शंकरा,

लागी तुझसे लगन शंकरा,

लागी तुझसे लगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा,

कोई कहे तुझे शिव वैरागी,

लगन मेरी तुझसे लागी,

कोई कहे तुझे शिव वैरागी,

लगन मेरी तुझसे लागी,

कोई कहे तुझे आदिनाथ,

कोई कहे तुझे आदिनाथ,

मुझको है बस तेरा साथ,

शंकरा..

लागी तुझसे लगन शंकरा,

लागी तुझसे लगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा....

डम डम डम डमरू तेरा बाजे,

सर पे चँदा मामा साजे,

हाथ में तेरे त्रिसूल भोले,

जटा में तेरे गंगा माँ विराजे,

गले में तेरे सर्प माला,

गले में तेरे सर्प माला,

आसन तेरा मृग की छाला,

शंकरा..

लागी तुझसे लगन शंकरा,

लागी तुझसे लगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा...

देव महादेव हरी तुम हो महेश,

संग गौरा मैया संग कार्तिक गणेश,

तू ही कीर्तिवास है भोले,

लगन मेरी तुझसे लागी मिट गए कलेश,

कोई कहे तुझे जटाधारी,

तू ही है भोला भंडारी,

चरण में झुके दुनिया सारी,

शंकरा..

लागी तुझसे लगन शंकरा,

लागी तुझसे लगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा....

महिमा देव तेरी जाता जाऊं,

जहाँ भी जाऊं भोले तुझको पाऊं,

रघुवंशी गाये तेरी महिमा,

महिमा गाके सबको मैं सुनाऊँ,

देवो में तुम देव दयाला,

पीवे भोला विष का प्याला,

तू ही महादेव प्यारा,

शंकरा..

लागी तुझसे लगन शंकरा,

लागी तुझसे लगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा,

मन तुझमे मगन शंकरा....

सुनो भोले गोरा बोली,

खेलेंगे भोले संग तेरे होली,

रूप देखा बैरागी तेरा,

भोले जी मैं तो तेरी होली,

होली खेले अम्बीरा से खोये ना रंग,

भोले को भावे धतूरा विष और भंग,

नामो में नाम तेरा भोले जी है मस्त मलंग,

रहना है भोले मुझको होके आज तुझमे मगन,

होके आज तुझमे मगन,

होके आज तुझमे मगन..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।