खाटू मे बाबो झूम रहयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू में बाबा तेरो धाम,

खाटू में बाबो झूम रहयो,

खाटू मे बाबो झूम रहयो.....

किसने ओ बाबा तेरो,

मंदिर बनायो,

मंदिर बनायो,

को पेहल्या चढ़ निशान,

खाटू मे बाबो झूम रहयो,

खाटू में बाबा तेरो धाम.....

राजा रूप सिंह चौहान,

तेरो मंदिर बनायो,

मंदिर बनायो,

पेल्या सुरजगढ़ को चढ़ निशान,

खाटू मे बाबो झूम रहयो,

खाटू में बाबा तेरो धाम.....

सारी दुनिया से तेरा भगत भी आवे,

भगत भी आवे,

करे श्याम कुंड मे स्नान,

खाटू मे बाबो झूम रहयो,

खाटू में बाबा तेरो धाम.....

फागण के महीने बाबा मेलो लागे,

मेलो लागे,

बारस की लागे धोक,

खाटू मे बाबो झूम रहयो,

खाटू में बाबा तेरो धाम.....

मिश्री चुरमे को भोग तेरे लागे,

भोग तेरे लागे,

चढ़ें से चप्पन भोग,

खाटू मे बाबो झूम रहयो,

खाटू में बाबा तेरो धाम.....

‘नितेश कुमावत’ बाबा थाने रिझावे,

थाने रिझावे,

इको बेड़ो पार लगा दयो,

खाटू मे बाबो झूम रहयो,

खाटू में बाबा तेरो धाम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।