आया री थारा नोरता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आया री, आया री आया आया थारा नोरता,

आया री आया री आया री थारा नोरता.....

दरबार मैया थारो लागे स प्यारो,

जय माता दी, जय माता दी गूंजे स नारों,

ध्यान राखिये मे बालक सु थारो,

तेरी दया से मारो चाले गुज़ारो,

आया री, आया री आया आया थारा नोरता,

आया री आया री आया री थारा नोरता.....

मेरी मैया शेरोवाली, मेरी मैया मेहरावाली,

तेरी चौकी आज लगाई मेरी मैया ज्योतावाली,

वैष्णो देवी नाम त जाणी,

जम्मू कटरा की तू राणी,

तेरी कहानी अजब निराली,

सबते उपर शेरावाली,

दर्शन खातर मे भी मैया आ गया तेरे धाम प,

आया री, आया री आया आया थारा नोरता,

आया री आया री आया री थारा नोरता.....

मेरी मैया शेरोवाली, मेरी मैया मेहरावाली,

तेरी चौकी आज लगाई मेरी मैया ज्योतावाली,

‘रिक्की रोहित पुनिया’ तो बचपन ते तेरो पुजारी,

‘नितेश कुमावत’ ने मैया या गादी महिमा थारी,

आया री, आया री आया आया थारा नोरता,

आया री आया री आया री थारा नोरता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।