ओ बाबा पलका थारी खोलो जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ बाबा पलका थारी खोलो जी,

टाबरीया थारी बाट निहारें,

कुछ तो बोलो जी,

कुछ तो बोलो जी ओ बाबा,

कुछ तो बोलो जी,

ओ बाबा पलका थारी खोलों जी,

टाबरीया थारी बाट निहारें,

कुछ तो बोलो जी.....

टाबरीया थारा थाने पुकारे,

और अरदास लगावे,

बाबो म्हारो कुछ फरमावे,

म्हाने हुकुम सुनावे,

ओ बाबा मुख से एक बर बोलो जी,

टाबरीया थारी बाट निहारें,

कुछ तो बोलो जी....

रात दिना थारी याद में रोवे,

थे जल्दी आज्यो,

बालक थारा थाने पुकारे,

मन की आस पुराज्यो,

ओ बाबा मोर छड़ी लहराज्यो जी,

टाबरीया थारी बाट निहारें,

कुछ तो बोलो जी.....

थे आओ जद मेरे बाबा,

चैन मिले म्हारे मन ने,

थारी कृपा से ही बाबा,

खुशियां आवे जीवन में,

ओ बाबा ‘खुशबू’ को साथ ना छोड़ो जी,

टाबरीया थारी बाट निहारें,

कुछ तो बोलो जी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।