कैसी है रावण लंका

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका,

कैसी है रावण लंका कैसी है रावण लंका,

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका......

काहे की रावण लंका काहे के लगे हैं खंबा,

अरे काहे के जड़ी किबाड़ कैसी है रावण लंका,

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका......

सोने की रावण लंका चांदी के लगे हैं खंबा,

अरे तांबे की जड़ी है किबाड़ ऐसी है रावण लंका,

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका......

कहां रहती सीता माता कहां रह रहे रावण विधाता,

अरे कहां रहती मंदोदरी नार कैसी है रावण लंका,

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका......

बागो में सीता माता गद्दी पर रावण विधाता,

अरे महलन में मंदोदरी नार ऐसी है रावण लंका,

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका......

क्या कर रही सीता माता क्या कर रहे रावण विधाता,

अरे क्या कर रही मंदोदरी नार कैसी है रावण लगता,

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका......

वो रो रही सीता माता वो उस हंस रहे रावण विधाता,

अरे समझाए रही मंदोदरी नार ऐसी है रावण लंका,

अरे मुझे इतना बता दे हनुमान कैसी है रावण लंका......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।