संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है,

किस्मत वालो के घर में श्याम आता है,

गेहरा हो नाता बाबा का जिनसे,

मिलने को बाबा आता है उनसे,

उनका यह साथी बन जाता है,

संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है,

किरपा बरसती है जिनपे इनकी,

तकदीर लिखता हाथो से उनकी,

गम का अँधेरा छत जाता है

संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है,

भजन सुनते जो इनके प्यारे,

उसके परिवार के वारे न्यारे,

मंदिर सो घर बन जाता है,

संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है,

कुछ भी असम्बब होता नही है,

महफ़िल में इसकी होता यही है,

सुनील सब यहाँ मिल जाते है,

संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है,

अमित बंसल हनुमानगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।