भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया,

भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,

दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,

सोचा ना कभी था वो आज हो गया,

भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया।।

आये है चलकर मेवा नगर,

तय करके हम लम्बा सफर,

झूम उठा सब भक्तो का मन,

सामने आया जब दादा नजर,

भक्ति में आज मैं मगन हो गया,

भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,

दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,

सोचा ना कभी था वो आज हो गया,

भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया।।

दादा तू जाने दिल का हाल,

शरण मे आये तू ही संभाल,

करके कृपा अपने भक्तों पर,

करदो ना दादा हमको निहाल,

खुशियो का शमा ये करीब आ गया,

भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,

दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,

सोचा ना कभी था वो आज हो गया,

भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया।।

करती है दुनिया जिनको नमन,

आये है हम उनकी शरण,

दादा तेरे चरणों मे,

अर्पण है ये तन मन धन,

“दिलबर” दिल मे आनंद छा गया,

भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,

दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,

सोचा ना कभी था वो आज हो गया,

भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।