गणपति चले आना

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

दुखहर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना...

तुम विघ्न विनाशक आना,

तुम विघ्न विनाशक आना,

इक्छा पूरी करो,

हाथ सर पे धरो,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुख हर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना....

तुम अष्टविनायक आना,

तुम अष्टविनायक आना,

मोदक हाथ लेके,

खुशियां साथ लेके,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुख हर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना.....

तुम भाग्य विधाता आना,

तुम भाग्य विधाता आना,

रिद्धि साथ लेके,

सिद्धि साथ लेके,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुख हर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना.....

तुम गौरी नन्दन आना,

तुम गौरी नन्दन आना,

वर्षा दया की करो,

दुःख सबके हरो,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुखहर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना.....

तुम मंगल मूरत आना,

तुम मंगल मूरत आना,

आस तोड़े नहीं,

साथ छोड़ो नहीं,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुखहर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।