आया शरण मै तेरी संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आया शरण मै तेरी संवारे,

पकड़ो कलाही मेरी संवारे,

दुनिया ने मारी एसी ठोकर,

आया शरण में सब कुछ खो कर,

अब तो उठा कर शरण लगा ले,

करता क्यों देरी अब तू संवारे,

आया शरण मै तेरी संवारे,

दुनिया में सारे मतलब वाले,

तन सबके उजले पर मन है काले,

माया का बंधन छुड़ा करके बाबा,

लेले शरण में तेरी सांवरे,

आया शरण मै तेरी संवारे,

बीच बावर में नोका फसी है,

पार लगा दे क्या बे रुखी है,

मीरा की बहिया बन जा तू बाबा,

पतवार मेरी तू ले संवारे,

आया शरण मै तेरी संवारे,

गेरे है मुझको गम के अन्देरे,

गबराए बिन न सुल्जे सवेरे,

रोशन तू करदे सारे अँधेरे,

येही तमना मेरी संवारे,

आया शरण मै तेरी संवारे,

श्याम प्यारे खाटू वाले यह जीवन है तेरे हवाले,

अमित बंसल हनुमानगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।