तेरा सिमरन हर इक साँस करे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा सिमरन हर इक साँस करे,

तेरा नाम है जग मे सबसे परे,

मैं बैठा रहूँ तेरी छाँव तले,

तेरे भक्ति का मन मे दीप जले,

तेरा सिमरन हर इक साँस करे,

तेरा नाम है जग में सबसे परे,

तेरा सिमरन हर इक साँस करे,

तेरा नाम है जग में सबसे परे....

तन पावन हो,

मन पावन हो,

पावन मेरा परिवेश रहे,

सद्भावना हो,

जन जन के लिए,

मन में न मेरे कोई द्वेष रहे,

हर पूर बहे सुख की गंगा,

कहि ना कोई कलेश रहे,

तेरा सिमरन हर इक साँस करे,

तेरा नाम है जग में सबसे परे,

तेरा सिमरन हर इक साँस करे,

तेरा नाम है जग में सबसे परे.....

मैं बैठा रहूँ,

तेरी धूनी में,

पल पल बस तेरा ध्यान करूँ,

तेरा रूप बसें,

मेरी आँखों मे,

तुझसे हासिल ज्ञान करूँ,

तेरे सामने सर को झुकाऊँ,

ना कभी अभिमान करूँ,

तेरा सिमरन हर इक साँस करे,

तेरा नाम है जग में सबसे परे,

तेरा सिमरन हर इक साँस करे,

तेरा नाम है जग में सबसे परे....

नाम तेरा,

नाम तेरा,

नाम तेरा,

सबसे परे,

नाम तेरा,

तेरा नाम,

सबसे परे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।