चेला बना ले ने ओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम बम बम बम बम,

भोले जी नाथ जी भोले जी नाथ जी,

सुनो दास की ये पुकार,

चेला बना ले ने, ओ भोले चेला बना ले ने,

चेला बना ले ने, ओ भोले चेला बना ले ने....

जटा की तेरी ना माँगू गंगा, माथे का ना मांगू चाँद,

नंदी भी तेर धोरे राखिये, एक घूँट ना प्याइए भांग,

बस खोल दे तेरा द्वार, चेला बना ले ने, ओ भोले चेला बना ले ने....

शाम सबेरे भोले मेरे दाने मांग के ल्याऊंगा,

धुणा करदू तैयार तेरा तेरे हाथ में राख रामाँऊंगा,

आड़ गोसा की लादुंगा लार,

चेला बना ले ने, ओ भोले चेला बना ले ने....

जाट का सूं छोरा मै, तेरी भांग की कर दयु खेती,

कुंडी कुतका दे दिए मै घोट दू सेती सेती,

तू पिके लिए डकार,

चेला बना ले ने, ओ भोले चेला बना ले ने....

मने सुना से दुनिया खातर पि लिया था जहर तने,

लंका दे दी रावण त यो सोने आला शहर तने,

फेर मेर त क्यू इंकार,

चेला बना ले ने, ओ भोले चेला बना ले ने....

जी ना लागे भोले याड दुनिया से या माडया की,

कद आऊ मै मने बतादे टिकट कटाके पहाड़ा की,

इस बिंदर का करदो उद्धार,

चेला बना ले ने, ओ भोले चेला बना ले ने....

प्रेषक: कुमार सुनील

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।