तू मेरा भोला शंकर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले......

भोले तेरे नाम से मैंने पी डाला एक लोटा,

ओ भोले..

भोले तेरे नाम से मैंने पाई डाला एक लोटा,

तेरे सहारा बैठा हूं में हो जाए जो होता,

भोला तेरे नाम से मैंने पी डाला एक लोटा,

तेरे सहारा बैठा हूं में हो जाए जो होता,

इतनी सी कहानी मेरी तू ही जिंदागनी,

तेरे नाम से चले हैं मेरे जीवन,

तू मेरा भोला शंकर तू मेरा भोला शंकर,

होये.. तू मेरा भोला शंकर तू मेरा भोला शंकर.....

भोले तेरे नाम का कारा है मैंने जप भी,

भोले तेरे नाम से पी जाउंगा में विष भी,

भोले तेरा नाम है सबसे निराला,

भोले भोले जापो सारे कट जाये दुख भी,

मेरा भोला जटाधारी में हूं उसका पुजारी,

उसे ही मस्ती में झूमे तन मन,

तू मेरा भोला शंकर तू मेरा भोला शंकर,

होये.. तू मेरा भोला शंकर तू मेरा भोला शंकर.....

गौरा भोले से बोली संग मेरे खेलो होली,

बाबा हम तेरे अघोरी भसम से खेले होली,

गौरा भोले से बोली संग मेरे खेलो होली,

बाबा हम तेरेअघोरी भस्म से खेले होली,

शंभू तेरी जटा में समय रही गंगा,

शंभू तेरे माथे पे चमका है चंदा,

शंभू तेरी मस्ती में नचे जोगी भंग,

शंभू तेरे नाम से होंगे रोगी चंगा,

हम भोले के दीवाने बन नचे मस्ताने,

उसे ही मस्ती में झूमे कण कण,

तू मेरा भोला शंकर तू मेरा भोला शंकर,

होये.. तू मेरा भोला शंकर तू मेरा भोला शंकर.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।