होली खेले रघुवीरा अवध मा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

होली खेले रघुवीरा अवध मा,

होली खेले रघुवीरा,

होली खेले रघुवीरा, होली खेले रघुवीरा,

होली खेले रघुवीरा अवध मा,

होली खेले रघुवीरा………….

किनका के हाथ कनक पिचकारी,

किनका के हाथ अबीर झोली

मोहे होली में कर दियो लाल रे,

ऐसो चटक रंग डारो,

ऐसो चटक रंग डारो, ऐसो चटक रंग डारो,

ऐसो चटक रंग डारो, अवध मा………..

होली खेले रघुवीरा,

राम के हाथ कनक पिचकारी,

सीता हाथ अबीर झोली,

रंग डारो, रंग डारो,

रंग डारो श्याम खेले होली, रंग डारो,

गोविंदा आला रे आला,

जरा रंग तो ना डाल नंदलाला……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।