फागण आयो चलो मेले में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फागण आयो चलो मेले में,

मेले में भई मेले में,

अल्हिल्यावती के लाला के संग,

खेलानगा होली में,

फागण आयो चलो मेले में,

मेले में भई मेले में……

हेलो देके बुलारयो दातार,

चाल जाटनी सांवरिया के द्वार,

तू ठाण ले, तू मान ले,

तू ठाण ले, तू मान ले,

श्याम के दर्शन पाके ने,

मोज करेगा मेले में,

फागण आयो चलो मेले में,

मेले में भई मेले में……

उड़े दीन दुखी सब आवे से थारे पास,

म्हारा श्याम धणी भरता सब के भंडार,

तू देख ले, तू मान ले,

तू देख ले, तू मान ले,

सब श्याम भगत खुशहाल है,

और मोज करे से मेले में,

फागण आयो चलो मेले में,

मेले में भई मेले में……

श्याम के दर जो आवे है हर बार,

रहन ना देवे श्याम धणी लाचार,

मैने देखा है, मैने भाला है,

मैने देखा है, मैने भाला है,

संवारा दर पे आवे है,

और मोज करे से मेले में,

फागण आयो चलो मेले में,

मेले में भई मेले में……

अल्हिल्यावती के लाला के संग,

फागण आयो चलो मेले में,

मेले में भई मेले में……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।