आये है तेरे नाम दीवाने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम प्रभु, श्याम प्रभु,

आये है तेरे नाम दीवाने, आये है तेरे नाम दीवाने,

तेरी महफ़िल में गाने, आये है तेरे नाम दीवाने.....

तेरिया मोहब्ता, तेरिया मोहब्ता,

तेरिया मोहब्ता, तेरिया मोहब्ता,

तेरिया मोहब्ता च अज असा नचना,

असा अज श्याम दे मुखड़े नु तकना,

असा अज श्याम दे मुखड़े नु तकना, असा अज श्याम दे मुखड़े नु तकना,

तेरिया मोहब्ता च अज असा नचना, असा अज श्याम दे मुखड़े नु तकना,

नशा तेरा चढ़ने लगा है, वजन मेरा बढ़ने लगा है,

नशा तेरा चढ़ने लगा है, वजन मेरा बढ़ने लगा है,

मैं तुझमे ऐसी खोई रही ना सद्बुध कोई,

मैं तुझमे ऐसी खोई रही ना सद्बुध कोई,

आये है तेरे नाम दीवाने, आये है तेरे नाम दीवाने,

तेरी महफ़िल में गाने, आये है तेरे नाम दीवाने.....

श्याम प्रभु, श्याम प्रभु,

श्याम प्रभु, श्याम प्रभु,

श्याम प्रभु ही सब देने वाला, श्याम प्रभु ही सब लेने वाला,

श्याम प्रभु ही सब देने वाला, श्याम प्रभु ही सब लेने वाला,

तरकश मेँ तीन तीर है वही दुनिया का पीर है,

तरकश मेँ तीन तीर है वही दुनिया का पीर है,

जो है हारे का सहारा वो खाटू श्याम हमारा,

जो है हारे का सहारा वो खाटू श्याम हमारा,

आये है तेरे नाम दीवाने, आये है तेरे नाम दीवाने,

तेरी महफ़िल में गाने, आये है तेरे नाम दीवाने.....

तुझसे ही होली, तुझसे ही होली,

तुझसे ही होली, तुझसे ही होली,

तुझसे ही होली मेरी तुझसे दिवाली, दिल मेँ पधारो मेरा कमरा है खाली,

दिल मेँ पधारो मेरा कमरा है खाली, दिल मेँ पधारो मेरा कमरा है खाली,

जो काली कमली वाला वही मेरा रखवाला,

जो काली कमली वाला वही मेरा रखवाला,

जो दिल ना रुकने देता वो सर ना झुकने देता,

जो दिल ना रुकने देता वो सर ना झुकने देता,

आये है तेरे नाम दीवाने, आये है तेरे नाम दीवाने,

तेरी महफ़िल में गाने, आये है तेरे नाम दीवाने.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।