गड्डी पुरे 150 पे चले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( खाटु के दरबार मे,

भर जाती झोली खाली,

लखदातार खाटूवाला,

करता सबकी रखवाली। )

खाटु जी दरबार गया मैं,

अजब नजारा देखा,

सोने चांदी के मंदिर में,

बाबा बैठा देखा,

जो भी आया दर पे उसकी,

करदी बल्ले बल्ले,

इसके भगतों की गड्डी,

पूरी 150 पे चले…….

अजब नजारे है करके देखो,

सबकी झोली भरता,

जिसको अपना कह दे बाबा,

उसके आगे आगे चलता,

तुम भी कर लो दर्शन,

कही पर रह जाओ ना कल्ले,

इसके भगतों की गड्डी,

पूरी 150 पे चले…….

नोटबंदी हुई थी भारी,

टेंशन में थे सारे,

खाटु जाने वाले प्रेमी,

मस्त मस्त थे सारे,

श्याम प्रभु ने करके कृपा,

फिर भर दिए सब गल्ले,

इसके भगतों की गड्डी,

पूरी 150 पे चले…….

मौज मनावे रोज मनावे,

जो भी खाटु जी को जावे,

भजनों में हो मस्त मस्त वो,

बाबे का हो जावे,

इसके रंग में रंग के देखो,

हम तो हो गए झल्ले,

इसके भगतों की गड्डी,

पूरी 150 पे चले…….

खाटु जी दरबार गया मैं,

अजब नजारा देखा,

सोने चांदी के मंदिर में,

बाबा बैठा देखा,

जो भी आया दर पे उसकी,

करदी बल्ले बल्ले,

इसके भगतों की गड्डी,

पूरी 150 पे चले…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।