जिनको अपनी मम्मी से प्यार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिनको अपनी मम्मी से प्यार है,

उनके लिए ही श्याम दरबार है,

मुझको घर पे तुम बुलाते हो,

माँ को ब्रिद आश्रम में छोड़ कर आते हो,

मुझको तो फूल तुम चड़ते हो,

माँ को तुम कितना ही रुलाते हो,

इसे बेटे पे तो दीकार है,

जिनको अपनी मम्मी...................

मुझको तो शपन भोग खिलते हो,

माँ को एक रोटी न खिलते हो,

मुझको तो भगा तुम पहनते हो,

माँ को एक साड़ी न पहनते हो,

घर पे तो ऐसा बेटा काल है,

जिनको अपनी मम्मी..........

मेरो दरबार तुम सजाते हो,

माँ को एक कमरा न दिलाते हो,

मेरे चरणों में शीश जुकते हो,

माँ के चरणों को तुम ठुकराते हो,

जिनको अपनी मम्मी .................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।