मैं क्यों डरूं जब संग मेरा श्याम है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब कभी ये दिल घबराता है,

मुझको भरोसा मेरा श्याम दिलाता है,

मैं क्यों डरूं जब संग मेरा श्याम है....

हो मेरी मुश्किलों को टाला है,

कदम कदम पे मुझ को संभाला है,

मेरा जीवन मेरा श्याम सजाता है,

अपनी दया से हर पल महकाता है,

मैं क्यों डरूं जब संग मेरा श्याम है………

हो दयालु मेरा खाटू वाला है,

ये कृपालु बड़ा दिल वाला है,

सांवरा जब जिसका बन जाता है,

रिश्तो को ये बड़े प्यार से निभाता है,

मैं क्यों डरूं जब संग मेरा श्याम है…………

हो मैं तो बेफिकर रहती हूँ,

कुंदन अपनी धुन में ये कहती हूँ,

इसके होते कभी गम ना सताता है,

जिम्मेदारी मेरा सांवरा उठाता है,

मैं क्यों डरूं संग मेरा श्याम है………..

जब कभी ये दिल घबराता है,

मुझको भरोसा मेरा श्याम दिलाता है,

मैं क्यों डरूं जब संग मेरा श्याम है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।