जब राम मेरे घर आएंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

जब राम मेरे घर आएंगे, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे.....

मैं चुन चुन कलियाँ लाऊंगी, हांथो से हार बनाऊँगी,

मैं उनको हार पहनाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे.....

मैं चन्दन चौकी बिछाऊँगी, फूलों से उसे सजाऊंगी,

मैं प्रेम से उन्हें बिठाउंगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे.....

मैं छप्पन भोग बनाउंगी, हाथों से उन्हें खिलाऊंगी,

मैं प्रेम से उन्हें खिलाऊंगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे.....

मैं रो - रो उन्हें मनाऊंगी, गा -गा कर उन्हें सुनाऊँगी,

मैं अपना हाल बताउंगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे.....

मैं फूलों की सेज बिछाऊँगी, झालर का तकिया लगाउंगी,

मैं उनके चरण दबाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे,

राहों में फूल बिछाऊँगी, जब राम मेरे घर आएंगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।