बोलो श्री राम जय राम जय जय राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम......

रावण ने अत्याचार मचाया,

ऋषियों के खून से घड़ा भराया,

ऋषियों ने मिलजुल के पुकारा,

दशरथ के घर जन्मे राम,

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम....

राजा जनक ने हल जो पकड़ा,

घड़ा फूट जब सीता निकली,

कन्या बोली जय श्री राम,

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम.....

राजतिलक की हुई तैयारी,

मां कैकेई ने बात बिगाड़ी,

14 वर्ष गए वनवास,

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम.....

पंचवटी में जाकर कुटिया बनाई,

सूर्पनखा की नाक कटाई,

खर दूषण को मारे राम,

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम.....

पवन पुत्र हनुमान से मिलकर,

दोस्ती सुग्रीव से कर,

बालि का किया काम तमाम,

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम....

लंकापुरी में जाकर रावण मारा,

धरती का सब भार उतारा,

सीता लेकर लौटे राम,

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम.....

बोलो कौशल्या के प्यारे राम,

बोलो दशरथ राज दुलारे राम,

बोलो श्री राम जय राम जय जय राम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।