ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया,

ओ श्याम रे मेरी भर दो गगरिया,

भर दो भरा दो मेरे सिर पर धरा दो

ओ सांवरे बतला दो डगरिया

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया.....

दिल्ली शहर एक खुली है बजरिया,

ओ सांवरे मुझे ला दो चुनरिया,

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया.....

पहन ओढ़ अंगना हुई ठाडी,

ओ सांवरे मुझे लग गई नजरिया,

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया.....

दिल्ली शहर एक वैध का लड़का,

ओ सांवरे दिखला दो नबजिया,

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया.....

वैध का लड़का बड़ो छल बलिया,

ओ श्याम रे मोसे मांगे ननदिया,

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया.....

सांस मेरी ले जाना जेठानी मेरी ले जा,

ओ सांवरे नहीं दूंगी ननदिया,

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया.....

सांस तेरी बूढ़ी जेठानी तेरी काली,

हो राधिके तेरी गोरी ननदिया,

ओ सांवरे मेरी भर दो गगरिया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।