गोकुल में भागवत मथुरा में गीता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोकुल में भागवत मथुरा में गीता,

भजो राम सीता भजो राम सीता.....

14 बरस वनवास बिताया,

लंकापति को मार गिराया,

लंकापुरी से लेकर आए सीता,

भजो राम सीता भजो राम सीता.....

जब-जब धर्म की होती है हानि,

मानुष के चोले में आए ब्रह्म ज्ञानी,

अर्जुन को ज्ञान दे सुनाए रहे गीता,

भजो राम सीता भजो राम सीता.....

राम भी तुम हो श्याम भी तुम हो,

भगवन मुक्ति का धाम भी तुम हो,

भक्तों का तुमने सदा मन है जीता,

भजो राम सीता भजो राम सीता......

अब कलयुग में नाम खिवैया,

हरि सुमिरन से पार होवे नैया,

भजन बिना जीवन व्यर्थ का है जीना,

भजो राम सीता भजो राम सीता......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।