मैं चिट्ठियां लिख लिख हारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं चिट्ठियां लिख लिख हारी, कब आओगे बांके बिहारी,

कब आओगे बांके बिहारी, कब आओगे रमण बिहारी,

मैं चिट्ठियां लिख लिख हारी.....

मैंने जय श्री श्याम लिखा है, तेरे चरणों में प्रणाम लिखा है,

मैंने चिठिया पे चिट्ठियां डारी, कब आओगे बांके बिहारी,

मैं चिट्ठियां लिख लिख हारी......

मैंने चिट्ठियां में यह लिख डाला घर आओ मेरे नंद के लाला,

तेरे भक्तों ने बाट निहारी, कब आओगे बांके बिहारी,

मैं चिट्ठियां लिख लिख हारी......

हम चिट्ठियां और ना लिखेंगे टेलीफोन या मेल करेंगे,

हम डायरेक्ट बात करेंगे, कब आओगे बांके बिहारी,

मैं चिट्ठियां लिख लिख हारी.....

हम भक्तों को भूल नहीं जाना दुनिया मारेगी हमें ताना,

हंसी होगी जग में हमारी, कब आओगे बांके बिहारी,

मैं चिट्ठियां लिख लिख हारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।