सीता माता दौड़ी दौड़ी गई

पारंपरिक
हनुमान जी मंत्र राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सीता माता ने करी है जोनार निमंत्रण सबको भेज दिया॥

ब्रह्मा नौते विष्णु नौते, नौते भोलेनाथ,

सारी वानर सेना नयोति नोत दिए हनुमान,

निमंत्रण सबको भेज दिया,

सीता माता ने करी है जोनार निमंत्रण सबको भेज दिया॥

ब्रह्मा आ गए विष्णु आ गए, आ गए भोलेनाथ,

सारी वानर सेना आ गई आए विराजे हनुमान,

निमंत्रण सबको भेज दिया,

सीता माता ने करी है जोनार निमंत्रण सबको भेज दिया॥

ब्रह्मा खा गए विष्णु खा गए, खा गए भोलेनाथ,

सारी वानर सेना खा गई भूखे रहे हनुमान,

निमंत्रण सबको भेज दिए,

सीता माता ने करी है जोनार निमंत्रण सबको भेज दिया॥

दौड़ी-दौड़ी सीता माता गई रघुवर के पास,

भरे भंडारे खाली हो गए पेट भरो ना हनुमान,

निमंत्रण सबको भेज दिए,

सीता माता ने करी है जोनार निमंत्रण सबको भेज दिया॥

श्रीराम सीता से बोले सुन सीते एक बात,

एक पत्ता तुलसी का रख दो भर जाए हनुमत पेट,

निमंत्रण सबको भेज दिए,

सीता माता ने करी है जोनार निमंत्रण सबको भेज दिया॥

दौड़ी-दौड़ी सीता माता गई तुलसी के पास,

एक पत्ता तुलसी का रख दिया हनुमत ने लई है डकार,

निमंत्रण सबको भेज दिए,

सीता माता ने करी है जोनार निमंत्रण सबको भेज दिया॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।