बूटी भोलेनाथ दी

मास्टर सलीम
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बोलो शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

भोले

बोलो शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम

ऐधर ओधर चारे पासे,

ऐधर ओधर चारे पासे,

होई जावे बम

बोलो शिव दे नाम दी,

बोलो शिव दे नाम दी,

बोलो शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम.....

नाम दा नशा सारे नशेया तो वख है,

नाम दे नशे च वि चढ़ जांदी अख है,

बम भोले

बोल बोल बम भोले

बोल बोल बम भोले

नाम दा नशा सारे नशेया तो वख है,

नाम दे नशे च वि चढ़ जांदी अख है,

ऐनू पी के सारे कहन्दे,

ऐनू पी के सारे कहन्दे,

दम मारो दम,

बोलो शिव दे नाम दी,

बोलो शिव दे नाम दी,

शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम....

तन मन विच हलचल हो जांदी,

मस्ती शिव नाल मेल करांदी,

बम भोले

बोल बोल बम भोले

बोल बोल बम भोले

तन मन विच हलचल हो जांदी,

मस्ती शिव नाल मेल करांदी,

नच्चो गावो मौजा लुट्टो,

मौजा लुट्टो नच्चो गावो,

भुल के सारे गम,

बोलो शिव दे नाम दी,

बोलो शिव दे नाम दी,

शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम.....

राजू वि हरिपुरिये पीती,

नाम दी बूटी सलीम ले लीती,

बम भोले

बोल बोल बम भोले,

बोल बोल बम भोले,

राजू वि हरिपुरिये पीती,

नाम दी बूटी सलीम ले लीती,

शंकर दी कृपा नाल बण गये,

भोले दी कृपा नाल बण गये,

बिगड़े सारे कम,

बोलो शिव दे नाम दी,

बोलो शिव दे नाम दी,

शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी बूटी पी के,

बम बोले बम

बोलो शिव दे नाम दी भंग चढ़ा के,

बम बोले बम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।