हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण,

सदा शुभ आचरण करना सिखाती रोज रामायण,

हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण॥

जिन्हें संसार सागर से उतरकर पार जाना है,

उन्हें सुख से किनारे पर लगाती रोज रामायण,

हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण॥

कहीं छवि विष्णु की बाकी कहीं शंकर की है झांकी,

हृदय आनंद झूले पर झूलाती रोज रामायण,

हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण॥

सरल कविता की कुंजो में बना मंदिर यह हिंदी का,

जहां प्रभु प्रेम का दर्शन कराती रोज रामायण,

हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण॥

कभी सागर में कभी गीता की गंगा में,

कभी रस बिंदु के मन को लुभाती रोज रामायण,

हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।