खाटू नगरी को हम दुल्हन सा सजायेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू नगरी को हम,

दुल्हन सा सजायेंगे,

दुल्हा तो बनेगा श्याम,

हम नाचे गायेंगे,

खाटु नगरी को हम,

दुल्हन सा सजायेंगे.....

कलकत्ता लंदन के,

फूलों से सजायेंगे,

अपने हाथों से श्याम,

तुझे इतर लगायेंगे,

खाटु नगरी को हम,

दुल्हन सा सजायेंगे......

जयपुर के साफे से तुझे,

पगड़ी पहनायेंगे,

मुम्बई के डायमंड से,

तुझे हार पहनायेंगे,

खाटु नगरी को हम,

दुल्हन सा सजायेंगे.....

तेरे खाटु में प्रेमी,

सब मस्ती में नाचेंगे,

ले हाथों में निशान,

सब घूमर घालेंगे,

खाटु नगरी को हम,

दुल्हन सा सजायेंगे......

तेरे नजर लगे ना श्याम,

काला टिका लगायेंगे,

तेरी सेवा मिल जाये श्याम,

‘अमित’ गुण गायेगा,

खाटु नगरी को हम,

दुल्हन सा सजायेंगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।