सुमिरत सुमिरत हारी मेरे बांके बिहारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुमिरत सुमिरत हारी मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी मेरे रमण बिहारी,

टेर सुनो गिरधारी मेरे बांके बिहारी,

सुमिरत सुमिरत हारी मेरे बांके बिहारी.....

मीरा पे जब संकट आया,

राणा जी ने विष दे डाला,

विष अमृत कर डाली मेरे बांके बिहारी,

टेर सुनो गिरधारी....

भरी सभा में द्रोपदी थाडी,

दुष्ट दुशासन खींचे साड़ी,

लाज रखो बनवारी मेरे बांके बिहारी,

टेर सुनो गिरधारी.....

नरसी भगत है तेरा पुजारी,

दान में धन दौलत दे डाली,

पटले पर आए मुरारी मेरे बांके बिहारी,

टेर सुनो गिरधारी.....

गज और ग्राह लड़े जल भीतर,

टेर सुनी आए तुम चलकर,

फंद छुड़ाया गिरधारी मेरे बांके बिहारी,

टेर सुनो गिरधारी.....

जब जब भीड़ पड़ी भक्तों पे,

टेर सुनी आए एक पल में,

छोड़ी गरुण सवारी मेरे बांके बिहारी,

टेर सुनो गिरधारी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।