प्रभु के नाम से बढ़कर सहारा और क्या होगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु के नाम से बढ़कर सहारा और क्या होगा,

हरि के नाम से बढ़कर सहारा और क्या होगा॥

हजारों तर गए पापी प्रभु का नाम ले लेकर,

अरे मानव ना क्यों तरता किनारा और क्या होगा,

प्रभु के नाम से बढ़कर....

बड़ी मतलब की दुनिया में दीवाना तू हुआ फिरता,

अरे मानव संभल कर चल इशारा और क्या होगा,

प्रभु के नाम से बढ़कर....

किए जा काम भलाई के लिए जा नाम ईश्वर का,

वह कण-कण में समाया है नजारा और क्या होगा,

प्रभु के नाम से बढ़कर....

बड़ा अनमोल जीवन है ना इसको यूं लुटा प्यारे,

हरी से भी बड़ा दानी हमारा और क्या होगा,

प्रभु के नाम से बढ़कर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।