ले रघुवर का नाम नर तर जाएगा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ले रघुवर का नाम नर तर जाएगा,

भजन बिना भव सिंधु में गोता खाएगा॥

संसार है जलती ज्वाला इस ज्वाला से बच कर रहना,

जल जाए कहीं ना दामन पग संभल संभल के रखना,

नहीं तो पछतायेगा भजन बिना भव सिंधु में गोता खाएगा,

ले रघुवर का नाम....

सूत नारी मात-पिता भाई सब जीते जी के सहाई,

स्वार्थ के हैं सब साथी कोई संग तेरे ना जाई,

काल जब आएगा भजन बिना भव सिंधु में गोता खाएगा,

ले रघुवर का नाम....

लख चौरासी भुगत के बंदे तूने मानव तन यह पाया,

माया में फस कर तूने फिर प्रभु का नाम बुलाया,

तभी तो पछतायेगा भजन बिना भर सिंधु में गोता खाएगा,

ले रघुवर का नाम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।