उंज सारी दुनिया प्यारी है

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

उंज सारी दुनिया प्यारी है, पर गुरा तो वद कोई प्यारा नही,

जिहड़ा कदम कदम ते रक्षा करें गुरु वरगा कोई सहारा नही,

उंज सारी दुनिया प्यारी है....

तेरी शोभा सुनके आ बैठी तकदीर मैं अपनी बना बैठी,

जिस दिन तो छुए ने चरण तेरे, मेरा टुटिया कोई सितारा नहीं,

उंज सारी दुनिया प्यारी है....

साहनु लख सहारे मिल जावन, चाहे महल चौबारे मिल जावन,

पर अपने गुरा दी शरण बिना, दुनिया विच किते गुजारा नही,

उंज सारी दुनिया प्यारी है....

तेरी रहमत जित्थे रेहँदी ए, औथे कमी कोई ना रेहँदी ए,

पत्थरा विच कीड़े पाल रया, तेरे वरगा पालनहारा नही,

उंज सारी दुनिया प्यारी है....

इस जग नु मैं पहचान गया, तैनू जान के सब कुछ जान गया,

दर दर तो ठोकर खाई ए, तेरे द्वारे वरगा द्वारा नही,

उंज सारी दुनिया प्यारी है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।