हर एक गम में हनुमत तुम्ही याद आये

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हर एक गम में हनुमत तुम्ही याद आये,

दुखी जन जब भी गीले नयन से,

पुकारा तुम्हे तो सदा पास आये,

हर एक गम में हनुमत तुम्ही याद आये.....

आयी विपदा की किसी घड़ी,

जाने कल होगा क्या सोच निंदिया उडी,

बुरे दिन में बाबा तुम्ही साथ आये,

नैनो में आशा के दीपक जलाये,

हर एक गम में हनुमत तुम्ही याद आये.....

हाथो में ले ध्वजा दर पे हम भी खड़े,

तेरे रेहमत की बुँदे जो हम पर पड़े,

किया अपना जीवन है तेरे हवाले,

कदम लड़खड़ाए तो आके तू संभाले,

हर एक गम में हनुमत तुम्ही याद आये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।