माई देने वाली है हम लेने वाले हैं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

( दुनियाँ से क्या लेना हमको,

जब मईया देने वाली है ll

भर देगी भण्डार भवानी,

जिस की भी झोली ख़ाली है ll )

जयकारा,,, शेरोंवाली मईया का,

बोल सच्चे दरबार की जय,,,

माई देने वाली है, हम लेने वाले हैं ll

अरे, आज ख़ाली हाथ नहीं जाना,

जिसे चाहिए तो,,, जय हो, lll हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना,,,

( जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना )

माई देने वाली है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

रोज़ रोज़ मांगने का, झँझट ही छोड़ दो l

जिसे जितना चाहिए, वो माँ से जा के बोल दो ll

^आज अच्छा मौका है, तुमको किसने रोका है l

अरे सबसे पहले अर्ज़ी लगाना,

जिसे चाहिए तो,,, जय हो, lll हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना,,,

( जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना )

माई देने वाली है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

हाथ मे ना आए तो, झोलीयाँ पसार ले l

खूब ले के जाना आज, मईया के दरबार से ll

^बात बन जाएगी, झोली भर जाएगी l

ज़ोरदार तालियाँ वजाना,

जिसे चाहिए तो,,, जय हो, lll हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना,,,

( जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना )

माई देने वाली है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

लाखों भक्त लेने वाले, मईया यह एक है l

पल में बदल देती, किस्मत के लेख है ll

^काम बन जाए तो, झोली भर जाए तो l

झूम जयकारे लगाना,

जिसे चाहिए तो,,, जय हो, lll हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना,,,

( जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना )

माई देने वाली है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मईया बस भूखी, है भावना की l

श्रद्धा से जिसने भी, पूजा की है माँ की l

^आया जो सवाली है, लौटा नहीं ख़ाली है l

*बस मईया के गुण गाना,

जिसे चाहिए तो,,, जय हो, lll हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना,,,

( जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना, उठाना,

जिसे चाहिए तो, हाथ उठाना )

माई देने वाली है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।