लेके हाथों में निशान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लेके हाथों में निशान दर पे आया पहली बार,

खाटू वाले से अपनी मुलाक़ात हो गई,

लेके हाथों में निशान....

मैंने सुना था बाबा हारे का सहारा है,

हर कोई हक़ से कहता श्याम हमारा है,

मानी मैंने भी ये बात खाटू वाला सबके साथ,

पहली बारी में मेरी भी बात बन गई,

लेके हाथों में निशान....

सपनो में दीखता अब तो मुझे खाटू धाम है,

हाथों की लकीरें बदले ऐसा बाबा श्याम है,

दिल में बस गया श्याम का नाम जपता सुबह और शाम,

अब तो मुझको भी बाबा ये आदत हो गई,

लेके हाथों में निशान.....

कैसे न भरोसा करूँ मैं अपने श्याम पे,

आज हूँ मैं जो कुछ भी हूँ श्याम तेरे नाम से,

मेरे जीवन की पहचान बन गया खाटू वाला श्याम,

आरती शर्मा भी श्याम की भजनो में खो गई,

लेके हाथों में निशान....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।